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अष्टाध्यायीसूत्रपाठः
॥ तस्मै पाणिनये नमः ॥
1|3|3 हलन्त्यम् SK 1
1|1|71 आदिरन्त्येन सहेता SK 2
1|3|2 उपदेशेऽजनुनासिक इत् SK 3
1|2|27 ऊकालोऽज्झ्रस्वदीर्घप्लुतः SK 4
1|2|29 उच्चैरुदात्तः SK 5
1|2|30 नीचैरनुदात्तः SK 6
1|2|31 समाहारः स्वरितः SK 7
1|2|32 तस्यादित उदात्तमर्धह्रस्वम् SK 8
1|1|8 मुखनासिकावचनोऽनुनासिकः SK 9
1|1|9 तुल्यास्यप्रयत्नं सवर्णम् SK 10
8|4|68 अ अ इति SK 11
8|2|1 पूर्वत्रासिद्धम् SK 12
1|1|10 नाज्झलौ SK 13
1|1|69 अणुदित् सवर्णस्य चाप्रत्ययः SK 14
1|1|70 तपरस्तत्कालस्य SK 15
1|1|1 वृद्धिरादैच् SK 16
1|1|2 अदेङ् गुणः SK 17
1|3|1 भूवादयो धातवः SK 18
1|4|56 प्राग्रीश्वरान्निपाताः SK 19
1|4|57 चादयोऽसत्त्वे SK 20
1|4|58 प्रादयः SK 21
1|4|59 उपसर्गाः क्रियायोगे SK 22
1|4|60 गतिश्च SK 23
1|1|44 न वेति विभाषा SK 24
1|1|68 स्वं रूपं शब्दस्याशब्दसंज्ञा SK 25
1|1|72 येन विधिस्तदन्तस्य SK 26
1|4|110 विरामोऽवसानम् SK 27
1|4|109 परः संनिकर्षः संहिता SK 28
1|4|14 सुप्तिङन्तं पदम् SK 29
1|1|7 हलोऽनन्तराः संयोगः SK 30
1|4|10 ह्रस्वं लघु SK 31
1|4|11 संयोगे गुरु SK 32
1|4|12 दीर्घं च SK 33
1|1|3 इको गुणवृद्धी SK 34
1|2|28 अचश्च SK 35
1|1|46 आद्यन्तौ टकितौ SK 36
1|1|47 मिदचोऽन्त्यात्परः SK 37
1|1|49 षष्ठी स्थानेयोगा SK 38
1|1|50 स्थानेऽन्तरतमः SK 39
1|1|66 तस्मिन्निति निर्दिष्टे पूर्वस्य SK 40
1|1|67 तस्मादित्युत्तरस्य SK 41
1|1|52 अलोऽन्त्यस्य SK 42
1|1|53 ङिच्च SK 43
1|1|54 आदेः परस्य SK 44
1|1|55 अनेकाल्शित्सर्वस्य SK 45
1|3|11 स्वरितेनाधिकारः SK 46
6|1|77 इको यणचि SK 47
8|4|47 अनचि च SK 48
1|1|56 स्थानिवदादेशोऽनल्विधौ SK 49
1|1|57 अचः परस्मिन् पूर्वविधौ SK 50
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